सुकून

बड़ी-बड़ी इमारतों के बीच एक ऑफिस में काम के उलझनों से निकल कर “वो शख़्स” कुछ सुकून ढूंढ रहा था…

जश्ने आज़ादी_2018

#स्वतंत्रता_दिवस आज हमारा देश इतना आज़ाद हो चुका है कि यहाँ कोई किसी का जब मन करे तब इज्ज़त लूट…

“हिंदी” अपनी मातृभाषा

आज हमारे देश में सभी लोग ज्यादातर विदेशी वस्तुओ का प्रयोग करते है और देशी वस्तुओं का उपयोग करने में…

जिंदगी एक सफर

#सफर जिंदगी बिल्कुल रेल की पटरी जैसी है… कोई छोटी, कोई बड़ी कोई बहुत दूर तक, कोई थोड़ी दूर तक……

बचपन वाली बरसात

कानों में इयरफोन लगाए एक हाथ मे कॉफी मग लिए बालकनी में बैठ आज की बारिश में शहर को भीगते…

सफर

जैसे ही स्टेशन पर पहुँचा ट्रेन छूटने वाली थी वैसे तो इंडियन रेलवे में पहले से काफी सुधार आया है…