सफर

जैसे ही स्टेशन पर पहुँचा ट्रेन छूटने वाली थी वैसे तो इंडियन रेलवे में पहले से काफी सुधार आया है वरना मजाल हो कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय पर निकल जाए। ऊपर से बनारस का अस्त-व्यस्त ट्रैफिक जो आपको कही टाईम से ना पहुचने के लिए पैर पकड़ कर रोकता रहेगा।
वैसे भी ये जाम और सरकारी नियमों के पचड़ों को समझना पत्थर पर खुद का सिर पटकने के बराबर है।

ख़ैर.. मैं इन सब दुविधाओं से निकल कर अपनी सीट पर जा पहुँचा, सीट पर पहुचना भी जैसे कम्प्यूटर डेस्कटॉप पर पड़े किसी फ़ोल्डर के अंदर पड़े 20वें फोल्डर तक पहुचने के बराबर हो।

जब आप बनारस से दिल्ली या दिल्ली से बनारस का सफऱ कर रहे हो तो जैसे उसी ट्रेन में कुछ पल के लिए अपना पूरा शहर बसा होने का एहसास होता है, उसकी सबसे बड़ी वजह अपने बनारस की बोली हैं,
“का भईया कहा जातs हउवा??”,
“अरे गुरु हम त उ फलनवा के जानत हई”,
“अरे चच्चा तई सी हमरो मुबइलिया चारज में लगाये दिहा”
“अऊर बचवा दिल्ली में का कsरेला??” जैसे वाक्यों से वार्तालाप होता सुनाई देता है।
जब आप किसी भी चीज़ को एक लेखक, फिल्मकार या यूँ कह ले एक कैमरे की नजर से देखते है तो आपको हर चीज़ खूबसूरत लगने लगती हैं।

ट्रेन अपनी स्पीड से चल रही थी और लोगो की बातें अपनी स्पीड से।
इसी वार्त्तालाप के बीच में से एक और आवाज़ आरही थी जो मेरा ध्यान अपनी ओर खींचने पर मजबूर कर दी थी।
वो आवाज़ एक माँ और उसके महज तीन साल की बेटी के बीच हो रही बातों की प्यारी सी आवाज़ थी।
वो छोटी लड़की अपनी माँ से तोतले आवाज़ में बड़ी मासूमियत से कह रही थी-

लड़की: मम्मी… अम्म ता जा लहे??
माँ: पापा के पास बेटा।

लड़की: पापा तहा हैं?
माँ: दादी के घर।

लड़की: दादी तहा है?
माँ: पापा के पास।

लड़की: औल दादू?
माँ: दादी के पास।

लड़की: तब आएदा पापा का ग़ल?
माँ: जब ट्रेन पहुँचा देगी मेरी गुड़िया को।

लड़की: अम्म टलेन से जा लहे है?
माँ: हाँ मेरा बच्चा, हम टलेन से जा रहे है।
अच्छा मेरी गुड़िया अब कुछ खा लो। (माँ ने उसकी हाथ मे एक बिस्किट थमाते हुए बोला)।
लेकिन उस छोटी लड़की की उत्सुकता अभी कम नही हुई उसके सवाल जारी है… और माँ भी अपनी मासूम बेटी की मासूमियत भरे हर सवाल का जवाब बहुत मासूमियत से देती जा रही थी।

वैसे एक रूट पर हर बार सफर करना बहुत मुश्किल होता है, जब आप खासकर सफ़र के दौरान इंडियन रेलवे में होते है तो कई बार आपको दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता हैं। और कई बार आपका सफ़र अच्छे लोगो के होने से खूबसूरती के साथ बीत जाता है।

फिलहाल सफर जारी है…

#राही

©Rahul Seth

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